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बीपी लो होने पर क्या करें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय

जानें बीपी लो के घरेलू उपाय। नमक-पानी, किशमिश, तुलसी, कॉफी और चुकंदर जैसे सुरक्षित तरीकों से लो बीपी को प्राकृतिक रूप से संभालें।

2026-06-16

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लो ब्लड प्रेशर, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हाइपोटेंशन कहा जाता है, भारत में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। अक्सर लोग हाई ब्लड प्रेशर को लेकर ज्यादा चिंतित रहते हैं, लेकिन बीपी लो होना भी उतना ही खतरनाक हो सकता है। चक्कर आना, कमजोरी, धुंधला दिखना, थकान, उलझन और कभी-कभी बेहोशी जैसे लक्षण रोजमर्रा के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। कई बार लोग इसे साधारण कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है।

खासतौर पर गर्म मौसम, डिहाइड्रेशन, लंबे समय तक भूखा रहना, एनीमिया, थायरॉयड असंतुलन, दवाइयों के साइड इफेक्ट्स या अचानक खड़े होने की आदत के कारण लो बीपी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि सही जीवनशैली, हाइड्रेशन और कुछ प्राकृतिक तरीकों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इस ब्लॉग में हम बीपी लो के घरेलू उपाय, इसके कारण, लक्षण, प्राथमिक उपचार और बचाव के तरीके समझेंगे, ताकि आप सुरक्षित और सूचित रह सकें।

संक्षेप में समझें

  • बीपी लो के घरेलू उपाय हल्के मामलों में राहत दे सकते हैं, लेकिन गंभीर लक्षणों में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है

  • पर्याप्त पानी और नियंत्रित नमक का सेवन लो बीपी को संतुलित रखने की बुनियादी ज़रूरत है

  • आयरन, विटामिन B12 और फोलिक एसिड से भरपूर आहार कमजोरी और चक्कर की समस्या घटाता है

  • अचानक खड़े होने के बजाय धीरे-धीरे उठना लो बीपी से बचाव का आसान तरीका है

  • बार-बार चक्कर आएं तो इसे नजरअंदाज न करें और मेडिकल जांच कराएं

लो ब्लड प्रेशर क्या है?

सामान्य ब्लड प्रेशर लगभग 120/80 mmHg माना जाता है। यदि यह 90/60 mmHg या उससे कम हो जाए, तो इसे लो बीपी (हाइपोटेंशन) कहा जाता है। कई लोगों में स्वाभाविक रूप से बीपी थोड़ा कम रहता है और उन्हें कोई समस्या नहीं होती, लेकिन जब यह अचानक गिरता है या लगातार कम बना रहता है, तब यह स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है।

लो बीपी शरीर में रक्त प्रवाह की गति को धीमा कर सकता है, जिससे मस्तिष्क और अन्य अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। यही कारण है कि कुछ लोगों में चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, भले ही लो बीपी हमेशा खतरनाक न हो, लेकिन अगर इसके लक्षण बार-बार दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • लो बीपी के सामान्य लक्षण: नीचे दिए गए लक्षण अक्सर तब दिखाई देते हैं जब शरीर में रक्त प्रवाह असंतुलित हो जाता है या बीपी अचानक गिरता है:

    1. चक्कर आना
    2. सिर घूमना
    3. थकान और कमज़ोरी
    4. धुंधला दिखना
    5. ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
    6. बेहोशी या हल्का बेहोश महसूस करना
    7. ठंडा पसीना आना

अगर ये लक्षण बार-बार दिखें, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर को तुरंत देखभाल या मेडिकल जांच की ज़रूरत है।

बीपी लो क्यों होता है? 

लो बीपी किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई शारीरिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े कार्यों के कारण हो सकता है। कई बार लो बीपी अस्थायी होता है, जैसे गर्मी या थकान के कारण, लेकिन कभी-कभी यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए कारणों को समझना ज़रूरी है, ताकि सही समय पर सही कदम उठाए जा सकें।

  • डिहाइड्रेशन: जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो रक्त की मात्रा घट जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है। गर्म मौसम, ज्यादा पसीना, उल्टी-दस्त या कम पानी पीने से यह समस्या ज्यादा होती है।

  • लंबा उपवास: लंबे समय तक खाली पेट रहने से शरीर में ऊर्जा की कमी होती है और रक्त स्तर गिर सकता है, जिससे चक्कर और लो बीपी की समस्या हो सकती है।

  • एनीमिया: शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे कमज़ोरी, थकान और लो बीपी हो सकता है। महिलाओं में यह कारण काफी सामान्य है।

  • हार्मोनल असंतुलन: थायरॉयड हार्मोन का असंतुलन शरीर की मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।

  • दवाइयों के प्रभाव: कुछ दवाएं, खासकर हाई बीपी की दवाएं या हृदय संबंधी दवाइयाँ, बीपी को ज़रूरत से ज्यादा कम कर सकती हैं।

  • तेज गर्मी या हीट स्ट्रोक: अत्यधिक गर्मी में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है, जिससे पानी और नमक दोनों की कमी हो जाती है और बीपी अचानक गिर सकता है।

  • अचानक खड़े होना (पोस्टुरल हाइपोटेंशन): लंबे समय तक बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर रक्त मस्तिष्क तक सही गति से नहीं पहुंच पाता, जिससे चक्कर और लो बीपी होता है।

Do you know

क्या आप जानते हैं?

पर्याप्त पानी पीने से शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ती है, जिससे लो बीपी (हाइपोटेंशन) की समस्या में तुरंत राहत मिल सकती है


स्रोत: NI

YTP 1 Cr.

बीपी लो के घरेलू उपाय: 5 आसान और असरदार तरीके

लो बीपी की समस्या हल्के मामलों में अक्सर जीवनशैली में छोटे बदलाव और कुछ आसान घरेलू उपायों से संभाली जा सकती है। ये तरीके शरीर में पानी, नमक और पोषण के संतुलन को बेहतर बनाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर स्थिर रहने में मदद मिलती है। हालांकि, यदि लक्षण बार-बार दिखें या बहुत गंभीर हों, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

नीचे दिए गए बीपी लो के घरेलू उपाय सुरक्षित, सरल और रोजमर्रा की दिनचर्या में आसानी से अपनाए जा सकते हैं:

  1. नमक-पानी का सेवन: नमक में सोडियम होता है, जो शरीर में संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर बढ़ाने में मदद करता है। जब बीपी अचानक गिरता है, तो नमक-पानी पीने से रक्त की मात्रा बढ़ती है और चक्कर व कमजोरी कम होती है। यह खासतौर पर डिहाइड्रेशन या गर्मी के कारण हुए लो बीपी में प्रभावी माना जाता है।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • एक गिलास साफ पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं
    • धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं ताकि शरीर इसे अच्छी तरह अवशोषित कर सके
    • दिन में केवल 1-2 बार ही लें, इससे ज्यादा लेने से नुकसान हो सकता है

      यह बीपी लो के घरेलू उपाय में सबसे तेज, आसान और घर पर उपलब्ध तरीका माना जाता है, लेकिन इसे नियमित आदत नहीं बनाना चाहिए।
  2. किशमिश का प्रयोग: किशमिश प्राकृतिक ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। इसमें ग्लूकोज, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत ताकत देते हैं और ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने में मदद करते हैं। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें कमजोरी, थकान या एनीमिया की समस्या रहती है।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • रातभर 8-10 किशमिश पानी में भिगोकर रखें
    • सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खाएं
    • बेहतर परिणाम के लिए इसे 2-3 सप्ताह तक नियमित रूप से करें

      यह उपाय शरीर में खून की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक माना जाता है।
  3. तुलसी और अदरक की चाय: तुलसी को आयुर्वेद में एक औषधीय जड़ी-बूटी माना गया है। इसमें एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो शरीर को तनाव, थकान और मौसम के बदलावों से बेहतर ढंग से निपटने में मदद करते हैं। वहीं, अदरक रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर में गर्माहट बनाए रखता है, जिससे बीपी बहुत ज्यादा गिरने से बचता है।

    बनाने का तरीका:

    • 1 कप पानी उबाले
    • इसमें 5 तुलसी पत्ते और अदरक का छोटा टुकड़ा डालें
    • 5 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें और छान लें
    • चाहें तो स्वाद के लिए हल्का शहद मिला सकते हैं

      यह बीपी लो के घरेलू उपाय में एक प्राकृतिक, हल्का और रोजमर्रा में अपनाया जा सकने वाला विकल्प है।
  4. कॉफी या काली चाय: कॉफी और काली चाय में मौजूद कैफीन अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। जब अचानक चक्कर आए या कमजोरी महसूस हो, तो एक कप हल्की कॉफी मददगार हो सकती है। हालांकि, यह स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि तात्कालिक राहत का तरीका है।

    ध्यान रखें:

    • दिन में बहुत ज्यादा कॉफी न पिएं, इससे घबराहट हो सकती है
    • खाली पेट कॉफी लेने से बचें, क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है
    • इसे रोज की आदत न बनाएं, केवल ज़रूरत पड़ने पर ही लें
  5. चुकंदर का रस: चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इससे बीपी संतुलित रहता है और शरीर को ज़रूरी पोषण भी मिलता है। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनका बीपी बार-बार गिरता रहता है।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • आधा कप ताजा चुकंदर का रस लें
    • दिन में 1 बार पीएं
    • स्वाद बेहतर करने के लिए गाजर या सेब का रस मिला सकते हैं

      यह उपाय लंबी अवधि में बीपी संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है और शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा भी देता है।

निष्कर्ष

लो बीपी सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि शरीर के भीतर चल रहे असंतुलन का संकेत हो सकता है। इसे डर के रूप में नहीं, बल्कि शरीर की चेतावनी के रूप में समझना ज़रूरी है। सही हाइड्रेशन, पोषण और सरल घरेलू देखभाल से आप न केवल लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर समस्याओं से भी बच सकते हैं।

बीपी लो के घरेलू उपाय तत्काल राहत दे सकते हैं, लेकिन बार-बार समस्या होने पर मेडिकल जांच को प्राथमिकता देना समझदारी है। संतुलन, अनुशासन और जागरूकता ही बेहतर स्वास्थ्य की असली कुंजी है।

आसान शब्दों में

  1. हाइपोटेंशन: वह स्थिति जब ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर से काफी नीचे चला जाता है और लक्षण दिख सकते हैं
  2. डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी और तरल की कमी, जिससे कमजोरी और चक्कर आ सकते हैं
  3. पोस्टुरल हाइपोटेंशन: लेटे/बैठे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर का गिरना
  4. सोडियम: नमक का मुख्य तत्व जो शरीर में पानी संतुलन और बीपी बनाए रखने में मदद करता है
  5. एनीमिया: शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर होते हैं
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नमक मिला पानी या ORS सबसे सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि यह शरीर में तरल और सोडियम का संतुलन तुरंत सुधारता है।

हां, कॉफी में मौजूद कैफीन अस्थायी रूप से बीपी बढ़ा सकता है, लेकिन इसे नियमित इलाज की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

हां, रोज 8-10 किशमिश सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित और ऊर्जा बढ़ाने के लिए लाभकारी माना जाता है।

यदि बीपी 90/60 mmHg से नीचे हो और बार-बार चक्कर, कमजोरी या बेहोशी हो, तो इसे खतरनाक माना जाता है।

हां, रोज आधा कप ताजा चुकंदर का रस पी सकते हैं, इससे ज्यादा मात्रा से बचना चाहिए।

नहीं, कई लोगों में लो बीपी सामान्य हो सकता है, लेकिन लक्षण दिखें तो जांच कराना ज़रूरी है।

नहीं, ज्यादा नमक नुकसानदायक हो सकता है; केवल संतुलित मात्रा ही स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।

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